शुक्रवार, 23 सितंबर 2011

नए साल की शुभकामनाएं


आतंकवाद के लम्बे हाथों ने
जिसका बेटा छीन लिया
चीत्कार कर उठी आत्मा उसकी
एक बार तो,
लेकिन फिर संभली
दूसरे बेटे को भी तैयार कर दिया
देश की हिफाज़त के लिए
शहीद की माँ की
इस हिम्मत को,
नये साल की शुभकामनाएँ |  
   
जो बेटे की लाश को,
अपना कंधा देता है, और
चाहकर भी रोता नहीं
शहीद के पिता के
इस तेवर को,
नये साल की शुभकामनाएँ | 

शहादत का सिन्दूर, जिसे
चिर सधवा रखता है
जो जीवन भर बूढ़ी सास, और
नन्हें बच्चों का सहारा बनी रहती है
देश की बेटी, शहीद की पत्नि के,
इस हौसले को
नये साल की शुभकामनाएँ ।

ताज और ट्राइडेन्ट होटल की लाँबी
जो लहुलुहान होकर सिसक पड़ी,
लेकिन
फिर तन कर खड़ी हो गई
होटल की लाँबी को और
इसे तैयार करने वालों की
इस फितरत को
नये साल की शुभकामनाएँ ।

जिसकी पत्नि और बच्चे नहीं रहे
फिर भी काम से मुहँ नहीं मोड़ा,
उस मेनेजर के, और
सोलिडेरिटी दिखाने के लिए
ताज में काफी पीने आये मुम्बईकारों के
इस ज़ज़्बे को
नये साल की शुभकामनाएँ ।

मेरे देश के गुरूर को
सैनिकों, देशवासियों के सुरूर को
शहीदों की शहादत को सलामी देने के लिए
कवियों द्वारा लिखी गई पंक्तियों
के जूनून को
नए साल की शुभकामनाएं |


मोहिनी चोरडिया

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